लोकप्रिय पोस्ट

लोकप्रिय पोस्ट

सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

भाजयुमो की प्रखंड कमेटी गठित, राकेश बने जिला प्रवक्ता

औरंगाबाद, कार्यालय संवाददाता : भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष धनंजय शर्मा ने सोमवार को प्रखंड कमेटी का गठन किया है। सूची जारी करते हुए बताया कि एरका गांव निवासी संजीव कुमार उर्फ बबलू कुटुम्बा, पूर्णाडिह निवासी अजय पाठक मदनपुर, देव निवासी चंदन सिंह देव, नवीनगर निवासी कुमार सौरभ नवीनगर, ओबरा निवासी युगल किशोर पाण्डेय ओबरा, संतोष कुमार सिंह बारुण, दीपक मनोहर दाउदनगर, विवेकानंद पाठक दाउदनगर नगर, मुखिया राधेश्याम प्रसाद हसपुरा, मार्कण्डेय पाण्डेय गोह एवं बघोई गांव निवासी विजय कुमार सिंह औरंगाबाद के प्रखंड अध्यक्ष बनाए गए हैं। एरका गांव निवासी राकेश कुमार को जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी मनोनित किया है।

नक्सलियों की कार्रवाई देखती रही पुलिस

औरंगाबाद, कार्यालय संवाददाता : भाकपा माओवादी नक्सलियों की कार्रवाई रविवार की रात रिसियप एवं अम्बा थाना पुलिस देखती रही। नक्सलियों ने पुलिस को चुनौती देते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटना को अंजाम दिया। नक्सलियों ने जिस कैंप पर हमला किया उससे रिसियप थाना की दूरी मात्र डेढ़ किलोमीटर है। डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करने में रिसियप थाने को दो घंटे का समय लगा। बताया जाता है कि घटना की सूचना पर औरंगाबाद से पूर्व विधायक के परिजन कैंप पहुंच गए परंतु पुलिस नहीं पहुंची। घटनास्थल से अम्बा थाना की दूरी भी मात्र चार किलोमीटर है। अम्बा पुलिस भी यहां नहीं पहुंची। अब सवाल यह उठता है कि रात्रि में अम्बा एवं रिसियप थाना पुलिस सोई रहती है। पुलिस गश्ती सड़क पर नहीं निकलती है। अगर रिसियप एवं अम्बा थाना पुलिस गश्ती पर होती तो नक्सली पकड़े जाते। कैंप पर हमला करने से भी नक्सली डरते। कैंप पर हमला ने पुलिस की सजगता की पोल खोल दी है। थानाध्यक्ष वरीय अधिकारियों को पुलिस के गश्ती पर होने की सूचना लगातार देते हैं परंतु हकीकत इससे परे हैं। रात्रि में अगर अधिकारी थाना पहुंच मामले की जांच करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

टेम्पो दुर्घटना में आरक्षी मरा, चार घायल


औरंगाबाद,  संवाददाता 
 मुफ्फसिल थाने के एनएच 98 लखनी मोड़ भरथौली के पास सोमवार को टेम्पो के पलट जाने से आरक्षी कमेन्द्र राम की मौत हो गई। दुर्घटना में ओबरा थाना के बेल गांव निवासी तव्वसुम परवीण, अजमेरी खातून, रुखसाना प्रवीण, मो. एकराम घायल हो गए। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया। घटना की सूचना पर एसपी डा. सिद्धार्थ भरथौली पहुंचे और घटना की जानकारी ली। शव को अंत्य परीक्षण के लिए सदर अस्पताल लाया गया। पुलिस ने अंत्य परीक्षण करा शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि एसपी के आवास पर कार्यरत सिपाही सोमवार को छुट्टी लेकर घर जम्होर थाना के परसिया गांव जा रहा था कि रास्ते में यह घटना घटी। टेम्पो चालक शराब के नशे में धुत था जिस कारण यह दुर्घटना हुई।

छुरेबाजी में पिता-पुत्र समेत तीन घायल


औरंगाबाद/ओबरा
ओबरा थाना के गौरी सोनवर्षा गांव में सोमवार को आपसी विवाद में जमकर छुरेबाजी हुई। छुरा लगने से नागदेव सिंह (66 वर्ष), उनके पुत्र संजय सिंह (40 वर्ष) एवं धनंजय सिंह (38 वर्ष) घायल हो गए। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में किया गया। घायलों में धनंजय एवं नागदेव की स्थिति गंभीर बताई जाती है। धनंजय को चिकित्सकों ने बेहतर इलाज हेतु बाहर रेफर कर दिया है। अस्पताल में इलाजरत संजय ने बताया कि गांव के लालजी सिंह, नील कमल सिंह एवं अप्पू सिंह तीन बाइक पर सवार अपराधियों के साथ पहुंचे और मारपीट करना शुरू कर दिया। हम लोग कुछ समझ पाते तब तक सभी को छुरा मार घायल कर दिया। घटना का कारण आपसी रंजिश बताई जाती है। सूचना थाना को दी गई है।

ठेकेदार के कैंप पर नक्सली हमला


औरंगाबाद/अम्बा,
रिसियप थाने के दोमुहान पुल के पास रविवार रात्रि भाकपा माओवादी के हथियारबंद नक्सलियों ने लोजपा के पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू के कैंप पर हमला बोल डोजर, जेसीबी मशीन, दो डम्पर एवं जनरेटर सेट फूंक दिया। नक्सलियों ने यहां रहे मुंशी मोहन सिंह, चालक ओमप्रकाश सिंह, मिथिलेश कुमार एवं रामलखन यादव की पिटाई की। मुंशी को नक्सलियों ने हथियार की बट से पीटा। पूर्व विधायक के भाई अजय इंजीकोन कंपनी द्वारा बटाने पुल पर 11 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है।
बताया जाता है कि नक्सलियों ने लेवी को लेकर घटना को अंजाम दिया है। नक्सली लेवी की मांग कर रहे थे परंतु पूर्व विधायक के परिजनों ने लेवी नहीं दिया। मशीन जलाने के दौरान नक्सलियों ने यहां रहे कंपनी के कर्मचारियों को काम न कराने की धमकी दी। कहा कि जब तक हमे लेवी नहीं मिलेगा काम नहीं होगा। कर्मचारियों की माने तो नक्सलियों ने चेतावनी के बावजूद काम करने पर जान मारने की धमकी दी है। जली मशीन एवं डम्पर की कीमत एक करोड़ रुपए बताई जाती है। मुंशी मोहन ने बताया कि करीब 10:30 बजे 25-30 की संख्या में हथियारबंद नक्सली कैंप पर पहुंचे और कर्मचारियों को कब्जे में लेकर मशीन में आग लगा दी। मशीन फूंकने के बाद नक्सली भाकपा माओवादी जिंदाबाद, जो हमसे टकराएगा चूर चूर हो जाएगा का नारा लगाते चलते बने। कैंप से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर रिसियप थाना है परंतु थानाध्यक्ष एवं पुलिसकर्मी थाना में बैठे रहे। एसडीपीओ संजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मामले में कांड संख्या 64/11 दर्ज की गई है।

करोड़ों की संपत्ति फूंक चुके नक्सली


औरंगाबाद से प्रिन्स कुमार की रिपोर्ट 
 लोजपा के पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह भाकपा माओवादी नक्सलियों के निशाने पर हैं। नक्सलियों ने कई बार पूर्व विधायक एवं उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। लेवी के लिए सात दफे नक्सलियों ने कैंप पर हमला किया है। 10 वर्षो में नक्सली करोड़ों की संपत्ति फूंक चुके हैं। नुकसान के बावजूद पूर्व विधायक का परिवार नक्सलियों से लोहा लेते रहा है।
पहली दफे नक्सलियों ने वर्ष 2001 में झारखंड के गुमला स्थित कैंप पर हमला किया था। नक्सलियों ने वाहन फूंक दिए थे। इसी कैंप पर नक्सलियों ने लेवी के लिए तीन बार हमला किया। 2 जून 2003 को रोहतास जिला के इन्द्रपुरी स्थित कैंप पर माओवादी नक्सलियों ने हमला बोल 22 डम्पर, 2 पोकलेन मशीन, जेसीबी, ट्रैक्टर एवं 3 बाइक फूंक दिया। अजय इंजीकोन के नाम से नहर निर्माण का कार्य किया जा रहा था। पूर्व विधायक के पिता मथुरा सिंह एवं उनके परिजन नक्सलियों से लड़ने को हमेशा तैयार रहते हैं। ठेका लेने पर नक्सली इनसे लेवी मांगते हैं परंतु इन्होंने लड़ना स्वीकार किया लेवी देना नहीं। 2008 में कुटुम्बा के ओरडीह पहाड़ के पास स्थित कैंप पर नक्सलियों ने हमला बोल जेसीबी मशीन एवं डम्पर फूंक दिया था। बटाने नदी पर 11 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2010 से चल रहा है। नक्सलियों ने कई बार लेवी की मांग की परंतु पूर्व विधायक के परिजनों ने लेवी नहीं दिया। नक्सलियों ने 9 अक्टूबर 2011 की रात्रि कैंप पर हमला बोल 20 लाख का डोजर मशीन, 10 लाख का जेसीबी मशीन, 2 डम्पर एवं जनरेटर सेट फूंक दिया। नक्सलियों द्वारा फूंके गए डम्पर का नंबर जेएच05सी-5442, जेएच12बी-6573 बताया जाता है।
चर्चा है कि नक्सलियों ने कई बार लेवी की मांग की परंतु पूर्व विधायक के परिजनों ने कभी लेवी नहीं दिया। कैंप पर हमला से जिले के ठेकेदार दहशत में हैं। लंबी चुप्पी के बाद नक्सलियों ने पुलिस को चुनौती देते हुए पूर्व विधायक के कैंप पर हमला किया है। इससे पहले पूर्व विधायक के पैतृक गांव कालापहाड़ में नक्सलियों ने कई बार हमला बोला है।